संक्षिप्त समाचार 17-06-2026

ऑपरेशन दृष्टि 

पाठ्यक्रम: जीएस-2/स्वास्थ्य  

सन्दर्भ

  • भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना ने रांची के नामकुम स्थित सैन्य अस्पताल में ऑपरेशन दृष्टि के अंतर्गत एक विशाल उन्नत शल्य चिकित्सा नेत्र शिविर का शुभारंभ किया

परिचय

  • ऑपरेशन दृष्टि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) का एक प्रमुख मानवीय जन-पहुँच कार्यक्रम है, जो उन्नत नेत्र-चिकित्सा विशेषज्ञता को सामाजिक सेवा के साथ जोड़ता है।
  • इस पहल का उद्देश्य देश के दूरस्थ, वंचित तथा भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में विशेषीकृत नेत्र-देखभाल सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
  • इससे पूर्व इस पहल के अंतर्गत देशभर में आठ उन्नत शल्य चिकित्सा नेत्र शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लेह, लद्दाख, लक्षद्वीप, भुज, कच्छ और बागडोगरा शामिल हैं।

स्रोत: PIB

आधार के दुरुपयोग पर केंद्र और राज्यों से सर्वोच्च न्यायालय ने जवाब माँगा

पाठ्यक्रम: जीएस-2/शासन 

सन्दर्भ

  • सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्डों के कथित दुरुपयोग से संबंधित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब माँगा है।

परिचय

  • आधार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा भारतीय निवासियों को जारी किया जाने वाला 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या है।
  • इसे वर्ष 2010 में प्रारम्भ किया गया था।
  • यह पहचान और पते के वैध प्रमाण के रूप में कार्य करता है तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल प्रमाणीकरण का लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

आधार का उद्देश्य

  • विशिष्ट पहचान: यह संख्या पहचान और पते के सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत प्रमाण के रूप में कार्य करती है।
  • सामाजिक कल्याण योजनाएँ: आधार सरकारी लाभों और अनुदानों के वितरण को सुव्यवस्थित बनाता है, धोखाधड़ी को कम करता है तथा लाभों को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
  • आँकड़ा-आधारित शासन: आधार सटीक जनसंख्या आँकड़ों और जनसांख्यिकीय जानकारी के माध्यम से नीति-निर्माण और शासन को सुदृढ़ करता है।

दुरुपयोग 

  • पहचान की चोरी और धोखाधड़ी: आधार विवरणों का अनधिकृत उपयोग प्रतिरूपण, फर्जी खातों तथा वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है।
  • गोपनीयता और डेटा सुरक्षा जोखिम: आधार संख्या अथवा जैविक पहचान संबंधी आँकड़ों का लीक होना नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीयता को प्रभावित कर सकता है।
  • अनधिकृत निगरानी और प्रोफाइलिंग: विभिन्न सेवाओं के साथ आधार के अत्यधिक संयोजन से व्यक्तियों की निगरानी और प्रोफाइलिंग संबंधी चिंताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

संबंधित शासन ढाँचा

  • आधार अधिनियम, 2016: आधार संख्या के निर्गमन, प्रमाणीकरण तथा उपयोग के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000: अनधिकृत पहुँच, डेटा चोरी, हैकिंग तथा आधार-संबंधी साइबर अपराधों के विरुद्ध कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
  • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023: व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण और संरक्षण हेतु सुरक्षा उपाय प्रदान करता है तथा नागरिकों के डेटा गोपनीयता अधिकारों को मान्यता देता है।
  • जस्टिस के .एस. पुट्टास्वामी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया वाद (2018): इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा तथा कई निजी सेवाओं में आधार को अनिवार्य बनाने पर प्रतिबंध लगाया। इसने गोपनीयता को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी और दुरुपयोग रोकने हेतु सुरक्षा उपायों पर बल दिया

स्रोत: AIR

हिंद महासागर तटीय क्षेत्रीय सहयोग संघ (IORA)

पाठ्यक्रम: जीएस-2/क्षेत्रीय समूह

सन्दर्भ 

  • कनाडा के IORA में पर्यवेक्षक बनने के आवेदन पर समिति की 28वीं बैठक में विचार किया जा रहा है।

दी इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन 

  • यह हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग हेतु 23 सदस्य देशों और 12 संवाद भागीदारों का एक अंतर-सरकारी संगठन है।
  • स्थापना: 1997
  • मुख्यालय: एबेने, मॉरीशस 
  • सर्वोच्च निकाय: मंत्रिपरिषद (COM)
  • निर्णय प्रक्रिया: सर्वसम्मति आधारित
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्र:
    • समुद्री सुरक्षा और संरक्षा
    • व्यापार और निवेश सुविधा
    • मत्स्य प्रबंधन
    • आपदा जोखिम प्रबंधन
    • शैक्षणिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग
    • पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
  • अंतर्वर्ती क्षेत्र (Cross-Cutting Areas): नीली अर्थव्यवस्था तथा महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण।
  • प्रमुख सदस्यों में भारत,ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, ईरान,श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात तथा अन्य हिंद महासागर तटीय देश शामिल हैं।
  • इसके 12 संवाद भागीदार भी हैं, जिनमें यूनाइटेड स्टेट्स, जापान,चीन तथा यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।

भारत के लिए महत्व 

  • भारत की सागर विजन (SAGAR Vision) क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) को समर्थन प्रदान करता है।
  • समुद्री सुरक्षा तथा नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है।
  • नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग को सुदृढ़ करता है।
  • हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की भूमिका को मजबूत बनाता है।
  • क्षेत्रीय आर्थिक तथा सामरिक सहभागिता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है।

स्रोत: TH

ग्रेप्स-3 (GRAPES-3):कॉस्मिक-रे ट्रैकर  

पाठ्यक्रम: जीएस-3/ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 

सन्दर्भ

  • भारत और जापान के शोधकर्ताओं ने GRAPES-3 टेलिस्कोप का उपयोग कर पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में होने वाले परिवर्तनों की रियल टाइम निगरानी की नई पद्धति विकसित की है।

GRAPES-3 क्या है ?

  • GRAPES-3 (Gamma Ray Astronomy PeV EnergieS–Phase 3) तमिलनाडु के ऊटी में समुद्र तल से लगभग 2200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक ब्रह्मांडीय किरण वेधशाला है।
  • इसका संचालन  टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च द्वारा किया जाता है।
  • उद्देश्य:ब्रह्मांडीय किरणों की उत्पत्ति, त्वरण और प्रसार का अध्ययन।
  • उच्च ऊर्जा वाली ब्रह्मांडीय किरणों अथवा गामा किरणों के वायुमंडल में प्रवेश करने पर उत्पन्न द्वितीयक कणों  का अध्ययन।
  • टेरा-इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (TeV) से पेटा-इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (PeV) ऊर्जा स्तरों तक के कणों का मापन। 

अन्य अध्ययन क्षेत्र

  • सौर गतिविधियों का ब्रह्मांडीय किरणों पर प्रभाव।
  • आंधी-तूफान से संबंधित वायुमंडलीय विद्युत क्षेत्रों और उनके म्यूऑनों के साथ अंतःक्रिया का अध्ययन।
  • वेधशाला में निम्नलिखित उपकरणों का उपयोग किया जाता है:
    • विस्तृत वायुमंडलीय कण-वर्षा (Extensive Air Showers) का पता लगाने के लिए प्लास्टिक सिंटिलेटर डिटेक्टरों की एक श्रृंखला का उपयोग किया जाता है।
    • पृथ्वी की सतह तक पहुँचने वाले उच्च-ऊर्जा म्यूऑनों का मापन करने के लिए समानुपाती गणकों (Proportional Counters) पर आधारित बड़े क्षेत्रफल वाले म्यूऑन डिटेक्टर का उपयोग किया जाता है।

आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS)5.0 

  • यह कोविड-19 महामारी के दौरान प्रारम्भ की गई योजना का नवीनतम संस्करण है।
  • वर्ष 2026 में शुरू किया गया यह संस्करण पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण प्रभावित एमएसएमई( MSME) और विमानन क्षेत्र को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु बनाया गया है।
  • पात्र उधारकर्ताओं को उनकी मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा का 20% तक अतिरिक्त ऋण प्राप्त करने की सुविधा देता है।

स्रोत: TH

आरबीआई द्वारा ECLGS 5.0 ऋणों के लिए शून्य जोखिम भार की अनुमति

पाठ्यक्रम: जीएस-3/अर्थव्यवस्था 

सन्दर्भ

  • भारतीय रिज़र्व बैंक ने ECLGS 5.0 के अंतर्गत गारंटी प्राप्त ऋणों के एक बड़े हिस्से पर शून्य जोखिम भार (zero-risk weight)  लागू करने की अनुमति दी है।

जोखिम भार (Risk Weight)क्या है? 

  • जोखिम भार वह प्रतिशत मान है जो विभिन्न बैंक परिसंपत्तियों अथवा ऋणों को उनके ऋण जोखिम के आधार पर प्रदान किया जाता है।
  • नियामक इसी के आधार पर निर्धारित करते हैं कि संभावित चूक से बचाव हेतु बैंक को कितना मूल पूंजी भंडार (Core capital) रखना होगा।

ECLGS 5.0 के अंतर्गत RBI का नया प्रावधान  

  • ECLGS 5.0 के अंतर्गत गारंटी प्राप्त ऋण के गारंटी-युक्त भाग के 75% तक पर 0% जोखिम भार लागू होगा।
  • यह लाभ उन मामलों में उपलब्ध होगा जहाँ गारंटी का निपटान  30 दिनों के भीतर अपेक्षित हो।
  • शेष जोखिम पर वर्तमान सावधानीपूर्ण मानदंड( Existing prudential norms) लागू रहेंगे।

ऋण गारंटी संरचना

  • गारंटी कवरेज:एमएसएमई के लिए बैंकों द्वारा दिए गए अतिरिक्त ऋण पर सरकार 100% गारंटी प्रदान करती है।
  • गैर-एमएसएमई उधारकर्ताओं तथा विमानन क्षेत्र के लिए गारंटी कवरेज 90% है।
  • गारंटी नेशनल क्रेडिट गारण्टी ट्रस्टी कम्पनी लिमिटेड के माध्यम से प्रदान की जाती है।
  • ऋण अवधि : एमएसएमई तथा गैर-एमएसएमई (विमानन क्षेत्र को छोड़कर) के लिए प्रथम ऋण वितरण की तिथि से 5 वर्ष, जिसमें 1 वर्ष की अधिस्थगन अवधि (Moratorium) शामिल है।
  • विमानन क्षेत्र के लिए प्रथम ऋण वितरण की तिथि से 7 वर्ष, जिसमें 2 वर्ष की अधिस्थगन अवधि शामिल है।
  • गारंटी कवरेज की अवधि:गारंटी कवरेज की अधिकतम अवधि ऋण की अवधि के साथ सह-समाप्त (Co-terminus) होगी, अर्थात् ऋण अवधि समाप्त होने पर गारंटी कवरेज भी समाप्त हो जाएगा।

स्रोत: BS

कश्मीरी केसर 

 चर्चा में क्यों?

  • पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईरानी केसर के निर्यात में व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिससे कश्मीरी केसर की वैश्विक मांग में वृद्धि हुई है। 

परिचय

  • केसर (Crocus sativus) पुष्प के सूखे वर्तिकाग्रों से प्राप्त मसाले का एक प्रकार है।
  • प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में इसे “बहुकाम(bahukam)” तथा “लाल सोना” कहा गया है।
  • इसका उत्पादन जम्मू-कश्मीर के करेवा (उच्च पठारी क्षेत्रों) में किया जाता है।
  • इसे वर्ष 2020 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुआ।
  • भारत, ईरान के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा केसर उत्पादक देश है।
  • कश्मीरी केसर में क्रोसिन की मात्रा ईरानी केसर की तुलना में अधिक (लगभग 8.72% बनाम 6.82%) होती है, जिससे इसका रंग अधिक गहरा तथा औषधीय महत्व अधिक होता है।
  • प्रमुख वाणिज्यिक श्रेणियाँ;मोंगरा(Mongra),लच्छा(Lachha), गुच्छी   (Guchhi)

स्रोत: TH

 

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